Thursday, April 22, 2010

दिल कि बात

चाँद-सितारों तक
सिमटकर रह जाती थी
मेरी बात।
मुझे तो चाहिए था ,
बस तुम्हारा साथ ।
तमन्ना थी
तुम रहो पास
पल-दो-पल,
यादों में समेटकर
रख लूं तुम्हें ,
आँखों में बसा लूं
तेरी तस्वीर,
उसके सहारे ही
कट जायेंगे
मेरे दिन और रात ।
चाँद-सितारों तक
सिमटकर रह जाती
है
मेरी बात।

3 comments:

  1. बहुत ही सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

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  2. यादों में समेटकर
    रख लूं तुम्हें ,
    आँखों में बसा लूं
    तेरी तस्वीर,......
    Sachche prem ki prakashtha........ bhavpurn rachna...

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