Wednesday, May 5, 2010

प्रदूषण (बचपन के नाम )

तन भी दूषित,मन भी दूषित
दूषित ये जग सारा है

भोजन-पानी हवा भी दूषित
दूषित स्वास्थ्य हमारा है

किया-धरा यह नहीं और का
सारा दोष हमारा है

अगर आज भी हम ना संभले
समय हाथ से जाएगा
हो जायेगा नष्ट यहाँ सब
कुछ भी ना बच पायेगा

आओ मिल संकल्प करें अब
कचरा नहीं फैलायेंगे
प्रदूषण दूर भगायेंगे
स्वस्थ समाज बनायेंगे

1 comment:

  1. आओ मिल संकल्प करें अब
    कचरा नहीं फैलायेंगे
    प्रदूषण दूर भगायेंगे
    स्वस्थ समाज बनायेंगे

    utkristh baal geet... bado ke liye bhi prerna...

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